मनरेगा के मजदूरों की राशि डकार गए "सरपंच" और रोजगार सहायक !

# Admin | 14 Oct, 2020

मनरेगा के "मजदूरों"  की राशि डकार गए "सरपंच" और रोजगार सहायक !

◆ जनपद सदस्य ने लगाया गंभीर आरोप।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत,,तो जांच के खौफ से हितग्राहियों से कोरे कागज में राशि मिल जाने संबंधी करा लिए दस्तखत...करा लिए पंचनामा।

◆ मजदूरी की राशि मनरेगा के किसी दूसरे काम में एडजेस्ट कर देने का दिया जा रहा झूठा आश्वाशन।

मिशन क्रांति न्यूज.। भरतपुर जनपद के भगवानपुर पंचायत के मनरेगा के मजदूरों का सालभर बाद भी मजदूरी भुगतान नही हो पाया है,जिसकी शिकायत कलेक्टर से किए जाने के बाद सरपंच और रोजगार सहायक मजदूरों के घर जाकर राशि मिल जाने संबंधी कोरे कागज में दस्तखत कराके आगे होने वाले मनरेगा के काम में राशि भुगतान करने की बात कर रहे हैं। जनपद सदस्य ने भी यह आरोप सरपंच और सचिव पर लगाया है कि मनरेगा की राशि की हेराफेरी की गई है। मजदूरों की राशि सरपंच और रोजगार सहायक डकार गए हैं।

दरअसल भगवानपुर में मनरेगा के तहत सैकड़ो ग्रामीण मजदूरों ने मजदूरी का काम किया था, कुुछ नेे पीएमआवास मेें मजदूूरी किया, लेकिन सालभर बाद भी मजदूरों को आज पर्यंत राशि का भुगतान नही हो पाया है। जनपद सदस्य रूपा जायसवाल का आरोप है कि मनरेगा के मजदूरों की राशि सरपंच और रोजगार सहायक डकार गए हैं। और फर्जीवाड़े से बचने मजदूरों के घर जाकर दबाव बनाकर राशि मिल जाने संबंधी झूठा पंचनामा तैयार कर रहे हैं। मजे कि बात तो यह है कि लंबित भुगतान राशि बाद में मनरेगा के अन्य काम में अरेंजमेंट करने का आश्वाशन मजदूरों को दे रहे हैं ताकि मामले में कार्रवाई ना हो...यह सभी आरोप खुद ग्रामीण मजदूर और जनपद सदस्य लगा रहे हैं। ऐसे में सरपंच और रोजगार सहायक द्वारा की जा रही मनमानी से ग्रामीण हलाकान हैं और वे दोनों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं... आरोप यह भी है कि सरपंच और रोजगार सहायक द्वारा फर्जी तरीके से मजदूरों की राशि निकाल ली गई है। इस सम्बन्ध मे जब जनपद सदस्य से चर्चा की तो उनके द्वारा बताया कि भगवानपुर मे सैकडो हितग्राहियों का पैसा फर्जी तरीके से निकला गया। वही अब सरपंच एवं रोजगार सहायक द्वारा हितग्राहियों से धोखा देकर हस्ताक्षर कराया कि कही न कही से एडजेस्टटमेंंट कर दिया जायेगा। जो बहुत ही गंभीर मामला है। जनपद सदस्य नेे जांच दल पर भी सवालिया निशान लगाए हैं और सरपंच , रोजगार सहायक और जांच अधिकारियों की आपसी मिलीभगत के कारण जांच प्रभावित होने की आशंका जाहिर की है। बहरहाल बात जो भी हो लेकिन मनरेगा के मजदूरों को साल भर बाद भी मजदूरी भुगतान नहीं होने से मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। -

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