शिक्षक भर्ती में अनियमितता,अभ्यर्थियों को पहले पात्र फिर अपात्र बनाया।

# Admin | 04 Apr, 2021

शिक्षक भर्ती में अनियमितता,अभ्यर्थियों को पहले पात्र फिर अपात्र बनाया।

◆ आवेदकों ने अकलतरा विधायक सौरभ सिंह को बताई अपनी पीड़ा।

◆ संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग का कारनामा।

जांजगीर ; चाम्पा। मार्च 2019 में 14580 शिक्षक भर्ती के आवेदन लिए गए थे।आवेदन के बाद स्कूटनी और जांच ,दावा आपत्ति के बाद चयन प्रक्रिया आरम्भ हुआ।जिसमें पहले कई आवेदको को पात्र बता कर चयन कर लिया गया ।इसके कुछ दिनों के बाद फिर अपात्र बता कर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया। सरकारी नौकरी पाने के अंतिम दहलीज में चयन कर अपात्र घोषित कर दिया।

 मामला मार्च 2019 में निकली सीधी भर्ती शिक्षक 14580 पद के लिए संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर के द्वारा आवेदन पात्र बेरोजगारों से मंगाये थे जिसके प्रमाणपत्रों की जांच सत्यापन कराया गया वही संभागीय कार्यालय संयुक्त संचालक सरगुजा में 21 जनवरी 2021को शिक्षक सीधी भर्ती हेतु परीक्षण में आवेदकों के दस्तावेज पूर्ण पाए गए जिसके आधार पर शिक्षक विषय अंग्रेजी संवर्ग टी पर नियुक्ति का प्रस्ताव दिया गया था।और कहा गया है कि वर्तमान कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने के बाद पद रिक्तता के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी करने की लिखित पत्र चयनितों को दिया गया था। इसके बाद आवेदक अपने चयन से संतुष्ट होकर स्कूल खुलने का इंतजार करने लगे थे।की एक माह बाद 22 फरवरी2021 को कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक सरगुजा के द्वारा भेजे पत्र में आवेदकों को पुनः दस्तावेज सत्यापन के बाद अपात्र घोषित कर दिया।कारण यह है कि आवेदकों के सीटेट की शिक्षक पात्रता परीक्षा में कम अंक होना बताया जबकि 21जनवरी को दस्तावेज सत्यापन में सी टेट में मिले अंक के आधार और अन्य प्रमाणपत्र में पात्र घोषित किया गया था।आरक्षण के प्रावधानों से छत्तीसगढ़ राजपत्र में सी टेट में प्राप्त अंको में आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को केन्द्र और राज्य सरकार अभ्यर्थियों को मिलने वाले छूट का पालन कर नियुक्ति करना है।लेकिन एक समीक्षा बैठक के बाद ठीक,एक माह बाद ही शासन के सारे नियम और निर्देश बदल गए जिसके कारण से आवेदक शिक्षक बनते बनते वंचित हो रहे है।आवेदको की उम्र 2019 में आरक्षण नियमो के तहत चयन के लिए पात्र थे ।और दो वर्षों के पश्चात अब नई भर्ती के लिए उम्र सीमा पार हो जाने से नोकरी की उम्मीद भी खत्म हो गई।इसके लिए आवेदकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार डी पी आई सरगुजा से व्यक्तिगत सम्पर्क किया तो बिना किसी चर्चा के कार्यालय से भाग जाने को कहा। जैसा कि आवेदक रामनारायण सोनी निवासी बलौदा ने बताया। रामनारायण सोनी और उनके साथ और चयन से वंचितो ने बताया कि यह कार्यवाही सन्देह से परे नही है।डी एड ,बी एड प्रशिक्षित संघ के द्वारा लगाए गए दावा आपत्ति के बाद ही हमे अपात्र किया गया जबकि पूर्व में दावा आपत्ति गया गया था उसके बाद हमें शिक्षक भर्ती के लिए पात्र घोषित किया गया।अब नई भर्ती के लिये हमारी उम्र सीमा पार हो गई और अंतिम उम्मीदों पर पानी फिर गया।इसी उम्मीद में आवेदकों ने अकलतरा विधायक सौरभ सिंह से अपनी पीड़ा बताई।विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि आपकी बातों को लेकर डी पी आई संचनालाय रायपुर को पत्र लिख कर उचित प्रावधानों में आपके नियुक्ति के लिए कहेंगे फिर भी नही माने तो सड़क की लड़ाई में आपके साथ रहेंगे।

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