आरक्षक की संदिग्ध मौत,,,हत्या की आशंका

# Admin | 16 May, 2021

आरक्षक की संदिग्ध मौत,,,हत्या की आशंका

◆ परिजनों ने पुलिस विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर लगाया मौत का आरोप ।

जांजगीर चाम्पा। आरक्षक की संदिग्ध मौत पर परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही है,,,हालांकि पुलिस विभाग द्वारा करेंट से मौत होना बताया जा रहा है। वहीं परिजन आरक्षक के मौत को हत्या बता रहे हैं,,, पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर को उक्त मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए पत्र लिखा है सिफारिश की है मामले की जांच अब एसडीएम करेंगे।

जानकारी के मुताबिक आरक्षक पुष्पराज सिंह पिता सीताराम सिंह ग्राम मदनपुर थाना फास्टरपुर मुंगेली निवासी की दिनांक 13 मई को रात 11:45 बजे के आसपास जांजगीर बस स्टैंड शराब भट्टी के पास उनकी स्कूटी सड़क में पड़ी मिली तथा बगल में ही आरक्षक तार से लिपटी अवस्था मे पड़ी मिली। वहां पर मौजूद शराब भट्टी के चौकीदार देवेंद्र धीवर के सूचना पर मौके पर 112 की टीम पहुंची और उन्हें अस्पताल रेफर किया गया जहां चिकित्सकों ने आरक्षक को मृत घोषित कर दिया । चौकीदार के मुताबिक उस रात आंधी तूफान आया था । आंधी तूफान थमने के बाद उन्होंने देखा कि आरक्षक स्कूटी के बगल में मुंह के बल जमीन पर लेटा हुआ था और उनके शरीर मे बिजली का तार लिपटा हुआ था । आरक्षक पुष्पराज सिंह सक्ति थाने के लाईन में मुलजिम पेशी के पद पर पदस्थ था। आरक्षक जांजगीर से ही सक्ति आना जाना करता था। पुलिस ने देशी शराब भट्टी कर चौकीदार के रिपोर्ट पर मर्ग क्र 58/2021 धारा 174 जा.फौ. कायम कर पंचनामा कार्यवाही उपरांत जिला अस्पताल जांजगीर में पोस्टमार्टम के लिये भेजा जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। एसडीओपी संदीप मित्तल के अनुसार मौत की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आने पर उसके अनुसार कार्यवाही करने की बात कही। आरक्षक की मौत से परिजनों तथा प्रदेश में शोक का लहर व्याप्त है, साथ ही हत्या की आशंका जतायी जा रही हैं। परिजनों ने माफियाओं और पुलिस के उच्चाधिकारियों पर शक जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत की सही कारणों का पता चल पायेगा।

पुलिस अधीक्षक को पहले ही ठहरा चुके हैं मौत के जिम्मेदार !

आरक्षक पुष्पराज सिंह ने सोशल मीडिया में पहले ही अपने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए पुलिस अधीक्षक पारूल माथूर को जिम्मेदार ठहराया था ,

हालांकि तब वह जीवित था और जब उनकी मौत को परिजन संदिग्ध मान रहे हैं तो संदेह की सुई आरक्षक पुष्पराज सिंह द्वारा सोशल मीडिया में किए गए पोस्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक पर घूमना लाजमी है हालाकि पुलिस अधीक्षक ने खुद पत्र लिखकर कलेक्टर से मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश की। और एसडीएम को आरक्षक के मौत की जांच का जिम्मा सौंपा गया।

अब देखना यह है न्यायिक जांच में आरक्षक की मौत हादसा है या हत्या ! इसका खुलासा कितनी जल्दी लोगों के सामने आता है। 

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