भाजपा को मिलेगा अनुभव का लाभ, बदलेंगे सक्ती विधानसभा में राजनीतिक समीकरण......

# Admin | 01 Mar, 2024
  • आप पार्टी के पूर्व प्रत्याशी ने थामा भाजपा का दामन

मिशन क्रांति न्यूज़ बाराद्वार। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व प्रदेश अध्यक्ष किरण देव थे मौजूद वरिष्ठ समाजसेवी एवं आप पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी रहे अनुभव तिवारी ने कल बुधवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया। श्री तिवारी छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत के सगे भाई राजेश महंत के साले हैं एवं सक्ती विधानसभा क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं , लोगों से 

उनका जीवंत संपर्क बना हुआ है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि देर से ही सही मगर भाजपा ने डॉ महंत के घर में सेंध मारने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिसका सीधा प्रभाव सक्ती की राजनीति में देखने को मिलेगा। अर्थात भाजपा कांटा से कांटा निकालने का प्रयास करती है तो अचरज की बात नही होगी। विधानसभा चुनाव में जांजगीर -चांपा लोकसभा की सभी आठों सीट हारना भाजपा के लिये किसी सदमा से कम नही है , ऐसे में उसकी ओर से क्षेत्र में पार्टी को और ज्यादा मजबूत बनाना जरूरी है। इसके लिये उसकी ओर से दूसरे दलों के प्रभावशाली नेताओं को पार्टी  से जोड़ने के लिये एक्सरसाइज की जा रही है , वहीं दूसरी ओर भाजपा में अपना बेहतर भविष्य मानने वाले अनेक दलों के नेताओं की लंबी कतार है , जो दल बदलने के लिये सत्तापक्ष के बड़े नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं। इस बीच आप पार्टी के अनुभव तिवारी का भाजपा में जाना यहां की राज नीतिक में नए समीकरण तैयार करने में सहायक साबित होंगे। 

मंझदार में केशव ...?

जैजैपुर से दो बार के बसपा विधायक  रहे केशव चंद्रा का भाजपा प्रवेश तय माना जा रहा था। इसके लिये पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कार्यक्रम भी दे दिया था , मगर ठीक समय पर उनका यहां आना निरस्त हो गया। इसके पीछे की सच्चाई तो भाजपा के नेता ही जाने , लेकिन क्षेत्र में अनेक तरह की चर्चा है। कुछ लोगों का कहना है कि जैजैपुर क्षेत्र से ही भाजपा के एक नेता ने केशव के एंट्री पर आपत्ति की है , संभव है उन्हें अपनी राजनीति प्रभावित होने का डर हो ! इसी वजह से भाजपा ने केशव के पार्टी प्रवेश को पेंडिंग में डाल दिया है। खैर , राजनीति में ऐसा होता है ! इस बारे में राजनीति के जानकार कहते हैं कि इस क्षेत्र में कोई निर्णय लेने से पहले हर तरह की संभावना और सभी विकल्पों पर अच्छे से विचार कर लेना चाहिए। लगता है पूर्व विधायक श्री चंद्रा यहां चूक गए।
ऊंची पहुंच बताकर राजनीति चमकाने में लगे छुटभैया नेता

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही अनेक छुटभैया नेताओं की दुकानदारी शुरू हो गई है , वे ऊंची पहुंच बताकर दफ्तरों में कार्यक्रम के नाम पर चंदा की वसूली करने लगे हैं , अधिकारी परेशान हैं। उन्हें इनसे निपटने का कोई उपाय नही सूझ रहा है ! ऐसी चर्चा है कि वे संगठन तक शिकायत करने की बात कहने लगे हैं।

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