शहर में रात में कोई भूखा ना सोए, इस उद्देश्य से शुरू की बाबा महाकाल की रसोई

# Admin | 21 Sep, 2021

शहर में रात में कोई भूखा ना सोए, इस उद्देश्य से शुरू की बाबा महाकाल की रसोई

◆ शहर के रेल्वे स्टेशन और बस स्टैण्ड में जाकर लोगों को मुफ्त में कराते हैं भोजन।

★ डायमंड शुक्ला

मिशन क्रांति न्यूज. जांजगीर-चाम्पा। शहर में कोई व्यक्ति रात में भूखा ना सोए,,,इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भूखे को मुफ्त में भोजन कराने का बीड़ा उठाया है, चंकी तिवारी ने। मानव सेवा को समर्पित बाबा महाकाल की रसोई के नाम से अकलतरा रोड में नेताजी चौक पर एक किराये के कमरे में शुरूवात की।

बाबा महाकाल की रसोई के संस्थापक चंकी तिवारी ने "मिशन क्रांति न्यूज"को चर्चा के दौरान बताया कि वे जब भी महाकाल के दरबार में दर्शन के लिए जाते थे ...तो उनके मन में मानव सेवा की भावना जागृत होती थी। उन्होंने बताया कि वहीं से उन्हें बाबा महाकाल की रसोई की शुरूवात करने की प्रेरणा मिली। सबसे पहले श्री तिवारी ने स्वयं के खर्च पर नेताजी चौक में एक कमरा किराये पर लिया और एक रसोई रखकर बाबा महाकाल की रसोई की शुरूवात की वे बताते हैं कि रात में शहर में कोई व्यक्ति भूखा ना सोए...इसी उद्देश्य से "बाबा महाकाल की रसोई" शरू किया गया है। जहां रेल्वे स्टेशन और बस स्टापेज पर जाकर चावल,दाल और सब्जी, सभी भूखे दीन दुखियों को प्रसाद स्वरूप भोजन उपलब्ध कराया जाता है,,,ताकि सबको भरपेट भोजन मिल सके। हालाकि अब शहरवासी भी बाबा महाकाल की रसोई की सराहना कर रहे हैं और समाज सेवी...मानव सेवा से जुड़े कुछ लोग सहयोग भी करने आगे आ रहे हैं...जिससे बाबा महाकाल की रसोई संचालित हो रहा है और शहर में भूखे लोगों क़ो रात को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री तिवारी के इस सराहनीय कार्य की सभी भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं। और इस पुनित कार्य के लिए शहर के लोग सहयोग की भावना से आगे भी आ रहे हैं।

जन्म दिन को खास बनाने बाबा महकाल की रसोई से बंटता है प्रसाद

लोग अपने जन्म दिन को खास बनाने बाबा महाकाल की रसोई के जरिए भोजन का समान अथवा सहयोग राशि देकर भूखे को भोजन कराने आगे आ रहे हैं। संस्थापक चंकी तिवारी बताते हैं कि जन्म दिन पर लोग निर्धारित राशि देकर अथवा राशन सामग्री भिजवाकर बाबा महाकाल की रसोई को सहयोग प्रदान करते हैं। साथ ही सहयोग राशि से भोजन के साथ मिठाई भी बांटा जाता है। 

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