नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कुल 23 हजार 877 प्रकरणों का हुआ निराकरण।

# Admin | 10 May, 2026

नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कुल 23 हजार 877 प्रकरणों का हुआ निराकरण।

🔷 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में स्वास्थ्य शिविर के तहत् गर्भवती महिलाओं का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण।

🔷मछुआरों को योजना के तहत् मिला आईस बॉक्स एवं नाव जाल का लाभ।

🔷 श्रमिक महिलाओं एवं बच्चें बच्चियों को मिला श्रमिक विभाग की योजनाओं के लाभ।

🔷 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के सहयोग से हितग्राहियों को एक ही मंच पर मिला न्याय।

♦️मिशन क्रांति न्यूज, जांजगीर - चांपा।

वर्ष 2026 का दूसरा नेशनल लोक अदालत 9 अप्रैल का शुभारंभ माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय श्री रमेश सिन्हा उच्च न्यायालय बिलासपुर, छ.ग. द्वारा जिला न्यायालय मुंगेली में दीप जलाकर किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के न्यायाधीशगण को विडियो कॉन्फेंसिंग से संबोधित करते हुए वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत की महिनों से चल रहे तैयारीयों के संबंध में जानकारी देते हुए इस नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आशीर्वचन स्वरूप संबोधित करने के पश्चात समस्त जिलों में नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर में नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन दीप जलाकर माननीय श्री जयदीप गर्ग प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर चांपा, समस्त माननीय न्यायाधीशगण, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ जांजगीर एवं अधिवक्तागढ़, जिला प्रशासन के समस्त विभागों के अधिकारीगण, जिला न्यायालय के समस्त अधिकारीगण कर्मचारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वॉलिंटियर, एवं मीडियागण की उपस्थिति में हुआ। नेशनल लोक अदालत में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जांजगीर के तत्परता एवं प्रयास के फलस्वरूप एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में नेशनल लोक अदालत के अवसर पर एक.डी.आर. भवन जांजगीर में नालसा की योजनाएं नालसा (मानसिक रूप से बीमार और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015 एवं नालसा (गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015 के तहत् कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री जयदीप गर्ग एवं समस्त माननीय न्यायाधीशगण द्वारा मत्स्य विभाग की योजनाओं के तहत् हितग्राहियों को मछली जाल एवं आईस बॉक्स, श्रम विभाग जांजगीर द्वारा नोनीहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को पन्द्रह सौ - पन्द्रह सौ रुपये की चेक राशि व मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत् हितग्राहियों को बीस - बीस हजार रूपये का चेक राशि प्रदान किया गया। इसी तरह महिला बाल विकास विभाग के द्वारा सधोरी कार्यक्रम के तहत् गर्भवती महिलाओं को पोषण कीट प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। नेशनल लोक अदालत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का स्टाल लगाकर सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उपस्थित गर्भवती महिलाओं का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होने वाले सभी आगंतुक, पक्षकारों के लिए जिला अधिवक्ता संघ जांजगीर द्वारा खिचड़ी प्रसाद (अन्नदान) का वितरण कार्यक्रम किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर द्वारा नेशनल लोक अदालत के तहत् जिला न्यायालय जांजगीर, समस्त तालुका न्यायालयों एवं राजस्व न्यायालय में कुल 41 खंडपीठों में रखे गये 36 हजार 445 प्रकरण में कुल 23 हजार 877 प्रकरणों का निराकरण हुआ और 2 करोड़ 69 लाख 75 हजार 478.50 रुपये का अवार्ड पारित हुआ।

🔷 नेशनल लोक अदालत की सफल कहानी

 न्यायालय के समक्ष दंपति के बालक ने माता-पिता को एक करने की गुजारिश की जिस पर न्यायाधीश के समझाने पर एक साथ रहने को हुए तैयार ।

नेशनल लोक अदालत 9 मई 2026 को अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय जांजगीर के समक्ष प्रस्तुत भरण पोषण के एक मामले में थाना नवागढ़ के एक दंपत्ति विवाह के 12 वर्ष बाद अलग रह रहे थे। न्यायालय के समक्ष दंपत्ति के बालक ने न्यायालय से माता-पिता को एक करने की गुजारिश की। जिस पर न्यायालय द्वारा दंपत्ति को वैवाहिक जीवन व परिवार का महत्व बताते हुए समझाईश दी गयी। तत्पश्चात लोक अदालत में दंपत्ति अपना विवाद समाप्त कर एक साथ जाने को सहमत हुए।

इस प्रकार माननीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल के कुटुंब न्यायालय में 40 प्रकरण समाप्त हुए।

न्यायाधीश द्वारा साथ जाने वाले दंपत्तियों को मीठा खिलाकर वह एक दूसरे को माला पहनवा कर विदा किया गया। परिवार न्यायालय जांजगीर के इस भावुक पल के साक्षी पक्षकारगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालय के स्टाफ बने।

2. वर्ष 2023 से पृथक रह रहे पति-पत्नी एक साथ रहने को हुए तैयार - नेशनल लोक अदालत 9 मई 2026 को माननीय प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय जांजगीर के समक्ष वादी के द्वारा प्रतिवादिनी के विरुद्ध धारा 13 -क हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत् विवाह - विच्छेद के लिए प्रकरण पेश किया गया था। उभयपक्षों का विवाह हिंदी रीति रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था। उसके पश्चात उनके मध्य आपसी मतभेद एवं विवाद होने के कारण प्रतिवादानी वर्ष 2023 से पृथक रह रही थी। आज नेशनल लोक अदालत में उभयपक्षों के मध्य समझाईस करायी गयी।

उभयपक्षों ने राजी खुशी से साथ रहने को तैयार हुए और न्यायालय से ही बच्चों सहित एक साथ रहने गए। उभयपक्षों द्वारा सहमति के आधार पर किए गए राजीनामा के परिणाम स्वरूप वादी की ओर से प्रस्तुत हुआ अंतर्गत धारा 13 -क हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 वास्ते विवाह- विच्छेद समाप्त किया गया।

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