प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज का सामूहिक आंवला पूजन

# Admin | 07 Nov, 2022

प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज का सामूहिक आंवला पूजन

 मिशन क्रांति न्यूज.जांजगीर चांपा। प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष अजय शर्मा के दिशा निर्देशन में महिला एवम् पुरुष प्रकोष्ठ जांजगीर द्वारा पामगढ़ तहसील के देवरघटा आश्रम में आंवला वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना की गई एवम् भंडारा का कार्यक्रम रखा गया। 

समाज के महिलाएं द्वारा भोजन प्रसाद बनाया गया पूजा के बाद आश्रम के सिद्ध पुरुष का दर्शन भी गया।कीर्तन भजन के साथ आवंला वृक्ष की परिक्रमा की गई।ऐसे तो कार्तिक मास की शुक्ल चतुर्दशी को बैकुंठ चतुर्दशी भी कहा जाता है इस दिन आंवले का पूजन किया जाता है वैसे तो कार्तिक मास में कोई भी दिन पूजा करने का विशेष महत्व है आंवले का वृक्ष समस्त पापों को नष्ट करने वाला होता है कार्तिक मास में आंवले के वृक्ष की छाया में जाकर राधा सही श्री कृष्ण जी का पूजन करना चाहिए उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर यथाशक्ति उन्हें दक्षिणा देकर प्रसन्न करना चाहिए ब्राम्हण के प्रसन्न होने पर श्रीहरि भी प्रसन्न हो जाते हैं इस विषय में स्कंद पुराण में भी एक कथा है पूर्वकाल में जब संपूर्ण जगत जल में निगम्न हो गया था उस समय देवाधिदेव सनातन ब्रह्मा जी अविनाशी परब्रह्मा का जप करने लगे। आंवला के वृक्ष सभी वृक्षों में स्वस्थ होते हैं इसका केवल स्मरण करने से ही मनुष्य को गोदान का फल प्राप्त हो जाता है इसका दर्शन करने से दुगुना और फल खाने से तिगुना पुण्य प्राप्त होता है अतः सदर प्रयत्न करके आंवले के वृक्ष का सेवन करना चाहिए भगवान का प्रिय होने के कारण इसके सभी पापों का नाश हो जाता है समस्त मनोकामनाएं के सिद्धि के लिए भी आंवले के वृक्ष का पूजन करना चाहिए। कार्तिक मास में पूर्ण प्रयत्न करके आंवले के वृक्ष की छाया में बैठकर श्री कृष्ण की मूर्ति के सामने कथा सुननी चाहिए। आंवले के वृक्ष की छाया में बैठकर दीपमाला अर्पित करनी चाहिए और तुलसीदल ना होने पर आंवले की ही पूजन करनी चाहिए जो व्यक्ति कार्तिक मास में आंवले के वृक्ष की छाया में ब्राह्मण दंपति को बिठाकर एक बार भोजन करा कर संतुष्ट करके स्वयं भी वहीं बैठ कर भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है आंवले की वृक्ष की छाया में बैठकर पिंडदान करने वाले मनुष्य पितर भगवान विष्णु के प्रसाद से मोक्ष को प्राप्त करते हैं जिससे शरीर की हड्डियां आंवले के जल से दो ही जाती है वह फिर से अगर हमें नहीं आता जिस घर में सदा आंवले का सेवन होता है और आंवला रखा जाता है वहां भूत प्रेत कुमांड तथा राक्षस नहीं आते अतः स्कंद पुराण तथा पद्म पुराण में आंवले की अनंत महिमा कही गई है। इसमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय शर्मा ,हुलेश्वर द्विवेदी लता द्विवेदी हर कुमारी मंजू शर्मा लता तिवारी ममता तिवारी सरिता तिवारी लाला तिवारी राजेश पांडे मुनिया पांडे रमेश तिवारी आर पांडे पुष्पा पांडे नरेंद्र तिवारी दीप्ति शर्मा अंजलि द्विवेदी जगदम्बा पूर्व डिस्टिक जज अपने परिवार के साथ सम्मलित थे साथ ही बच्चे महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित थे

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